सिमडेगा: पूर्व मंत्री विमला प्रधान ने महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस एवं इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह देश की आधी आबादी के अधिकारों से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, लेकिन विपक्ष की नकारात्मक राजनीति के कारण इसे समय पर पारित नहीं होने दिया गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र और महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ बताया।विमला प्रधान ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और महिला आरक्षण बिल इसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एवं इंडी गठबंधन ने हमेशा इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए लटकाए रखा,कांग्रेस ने परिसीमन की आड़ में महिला विरोधी मानसिकता को दरसाते हुए अपने राजनीति लाभ के लिए बिल को रोकने का प्रयास किया।,साथ ही मुस्लिम महिलाओं के लिए भी धर्म के आधार पर आरक्षण की मांग की जो कि संभव नहीं है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने महिलाओं को हक एवं अधिकार देने लिए लगातार ठोस निर्णय लिए हैं।उन्होंने आगे कहा कि यदि यह बिल समय पर पारित हो गया होता, तो संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी और अधिक बढ़ती, जिससे नीति निर्माण में उनकी भूमिका और मजबूत होती। लेकिन विपक्ष ने इस गंभीर मुद्दे पर जिम्मेदारी नहीं दिखाई और केवल राजनीति करने का काम किया।पूर्व मंत्री ने कहा कि आज देश की महिलाएं जागरूक हो चुकी हैं और वे अच्छी तरह समझती हैं कि कौन उनके अधिकारों के लिए काम कर रहा है और कौन केवल राजनीतिक स्वार्थ साध रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महिलाएं ऐसे दलों को करारा जवाब देंगी जो उनके हितों के खिलाफ खड़े होते हैं।अंत में विमला प्रधान ने कहा कि भाजपा महिला सशक्तिकरण के अपने संकल्प पर अडिग है और भविष्य में भी महिलाओं के अधिकार, सम्मान और भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करती रहेगी।









