जमशेदपुर: पूर्व सांसद एवं झारखंड आंदोलनकारी शैलेंद्र महतो ने विधायक जयराम महतो के समर्थन में बयान जारी करते हुए झारखंड पुलिस एसोसिएशन की भूमिका पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि एक दारोगा के पक्ष में पुलिस एसोसिएशन खड़ी होगी तो ऐसा न हो कि कल जयराम महतो के समर्थन में पूरा झारखंड खड़ा हो जाए।महतो ने कहा कि जनप्रतिनिधि और पुलिस के बीच कहासुनी होना असामान्य नहीं है। ऐसे मामले में पुलिस एसोसिएशन को पक्षकार बनने के बजाय निष्पक्ष रहकर कानून-व्यवस्था संभालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जयराम महतो ने ऐसा कोई काम नहीं किया, जिसके लिए उन्हें माफी मांगने या गिरफ्तार करने की जरूरत पड़े।पूर्व सांसद ने अपने झारखंड आंदोलन के दिनों को याद करते हुए 1990 की एक घटना का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि सीतारामडेरा थाना में उनके आंदोलनकारी साथियों रामदास सोरेन, दुलाल भूइयां, गोपाल बनर्जी और प्रमोद लाल के साथ पुलिस ने मारपीट की थी। महतो ने कहा कि वे उस समय सांसद रहते हुए थाने पहुंचे और अपने साथियों को छुड़ाने का प्रयास किया था।उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जयराम महतो से कथित अभद्र व्यवहार करने वाले थाना प्रभारी के खिलाफ अविलंब कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि झारखंड की सभ्यता और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान होना चाहिए।











