सिमडेगा नगर परिषद के पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी पर यौन  शोषण का मामला दर्ज

सिमडेगा के पूर्व नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी एवं वर्तमान सरायकेला नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी समीर बोदरा पर चाईबासा महिला थाने में यौन शोषण धोखाधड़ी और धमकी देने का प्राथमिक दर्ज की गई है ।एक महिला ने शादी का झूठा वादा कर यौन शोषण के आरोप में न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई थी ।इसके बाद कोर्ट ने निर्देश पर कार्रवाई की गई है। महिला थाना प्रभारी शीला मिंज ने बताया कि शुरुआती जांच में आप प्रथम दृष्टि या सही पाए गए जिस पर केस दर्ज किया गया है ,और इस मामले में जांच रिपोर्ट सरायकेला उपायुक्त को भेजी गई है। खबर अपडेट हो रही है..




पारिवारिक कलह ने ली जज की जान: मौत से पहले पिता को फोन कर कहा— “पापा, जीना मुश्किल हो गया है”

​दिल्ली के न्यायिक गलियारे से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। उत्तर-पूर्वी जिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव के रूप में कार्यरत 30 वर्षीय जज अमन कुमार शर्मा शनिवार को अपने घर के बाथरूम में फंदे से लटके पाए गए। मूल रूप से राजस्थान के अलवर के रहने वाले अमन दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित आवास पर अपनी पत्नी के साथ रहते थे, लेकिन पिछले कुछ समय से उनका वैवाहिक जीवन गहरे तनाव से गुजर रहा था।

​घटना की जो परतें अब खुल रही हैं, वे दिल दहला देने वाली हैं। रिश्तेदारों के अनुसार, अमन अपनी पत्नी के साथ चल रहे विवाद के कारण गहरे मानसिक अवसाद में थे। सुसाइड से ठीक एक रात पहले, अमन ने रात 10 बजे अपने पिता को फोन कर रोते हुए कहा था, “पापा, मैं बहुत परेशान हूं, अब जीना मुश्किल हो गया है।” बेटे की बेबसी सुनकर पिता तुरंत अलवर से दिल्ली पहुंचे, लेकिन वहां का मंजर और भी खौफनाक था। घर पहुँचने पर उन्होंने देखा कि पति-पत्नी के बीच तीखी बहस हो रही थी। आरोप है कि उस दौरान उनकी बहू ने ससुर को पुलिस बुलाने तक की धमकी दे दी।

​शनिवार सुबह भी विवाद शांत नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि घर में पत्नी के अत्यधिक हस्तक्षेप और घरेलू कलह से तंग आकर अमन फूट-फूट कर रो रहे थे। इसी बीच उन्होंने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया और आत्मघाती कदम उठा लिया। कानून के रखवाले की इस तरह विदाई ने पारिवारिक रिश्तों के बीच बढ़ते तनाव और मानसिक स्वास्थ्य के गंभीर संकट पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।




डुमरी की नाबालिग से सकरा में सामूहिक दुष्कर्म, आरोपियों ने परिवार को दी थी जान से मारने की धमकी

चैनपुर : कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में पीड़िता ने शुक्रवार को परिजनों के साथ थाने पहुँचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है।दर्ज शिकायत के अनुसार, डुमरी थाना क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग लड़की 18 अप्रैल 2026 को अपने पिता के साथ ग्राम सकरा में अपनी फुआ के घर एक शादी समारोह में शामिल होने आई थी। 20 अप्रैल की शाम करीब 7:00 बजे जब वह गाँव में ही एक अन्य घर से शादी समारोह देखकर लौट रही थी, तभी रास्ते में घात लगाकर बैठे दो युवकों ने उसे दबोच लिया।आरोपियों की पहचान ग्राम सकरा निवासी ब्राह्मण मुंडा उर्फ धर्मनाथ मुंडा और रतन दास पिता नारायण दास के रूप में हुई है। पीड़िता का आरोप है कि दोनों युवकों ने अंधेरे का लाभ उठाकर उसका मुँह बंद कर दिया और उसे जबरन पास के जंगल में ले गए। जंगल में रतन दास ने पीड़िता के पैर पकड़कर रखे और ब्राह्मण मुंडा ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ब्राह्मण मुंडा उसे जंगल की दूसरी ओर ले गया और वहाँ दोबारा उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।घटना के बाद आरोपियों ने पीड़िता को गाँव के नजदीक छोड़ते हुए धमकी दी कि यदि उसने इस बारे में किसी को बताया, तो उसे और उसके पूरे परिवार को जान से मार देंगे। डर के कारण पीड़िता चुप रही, लेकिन गुरुवार रात उसने हिम्मत जुटाकर अपनी माँ को आपबीती सुनाई।मामले की गंभीरता को देखते हुए कुरुमगढ़ थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने कांड संख्या 06/2026 के तहत भा.न्या.सं. (BNS) की सुसंगत धाराओं और 4/6 POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की छानबीन और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।




चैनपुर में ‘मौत का खेल’ लाइफ लाइन हॉस्पिटल में अवैध गर्भपात का खुलासा, पुलिस ने जड़ा ताला

झोलाछाप के भरोसे ‘लाइफ लाइन’ पुलिस को गुमराह कर भागा संचालक, एमटीपी एक्ट की उड़ीं धज्जियां

गुमला (चैनपुर): चैनपुर अनुमंडल मुख्यालय के बस स्टैंड के समीप संचालित ‘लाइफ लाइन हॉस्पिटल’ में चल रहे एक खतरनाक और अवैध धंधे का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गुरुवार देर रात पुलिस की छापेमारी में बिना डिग्री वाले झोलाछाप द्वारा एक 21 वर्षीय युवती का अवैध गर्भपात (अबॉर्शन) किए जाने का मामला सामने आया है। एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और रेस्क्यू

गुरुवार रात करीब 9:00 बजे गुप्त सूचना मिलने पर थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने दल-बल के साथ अस्पताल में छापेमारी की। वहां मौजूद 21 वर्षीय युवती ने मौके पर ही बयान दिया कि संचालक ओमप्रकाश सिंह द्वारा उसका गर्भपात किया गया है। युवती की नाजुक हालत को देखते हुए पुलिस ने उसे तुरंत सरकारी एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर में भर्ती कराया।

फरार हुआ संचालक, नहीं दिखाए कागजात

पुलिस ने अस्पताल संचालक ओमप्रकाश सिंह को शुक्रवार दोपहर 12:00 बजे तक रजिस्ट्रेशन और मेडिकल डिग्री के साथ थाने में उपस्थित होने का अल्टीमेटम दिया था। हालांकि, संचालक तय समय तक पुलिस के सामने नहीं पहुंचा और फरार बताया जा रहा है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि अस्पताल को अब मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में विधिवत सील किया जाएगा।

बिना विशेषज्ञ के जानलेवा खेल

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि लाइफ लाइन हॉस्पिटल में न तो कोई एमबीबीएस डॉक्टर है और न ही कोई स्त्री रोग विशेषज्ञ। संचालक ओमप्रकाश सिंह, जो महज एक आरएमपी है, स्वयं को डॉक्टर बताकर मरीजों की जान जोखिम में डाल रहा था।

सरकारी डॉक्टर की भूमिका पर उठे सवाल

छापेमारी के दौरान सीएचसी के डॉ. प्रभात कुमार की अस्पताल में मौजूदगी और उनकी संदिग्ध भूमिका चर्चा का विषय बनी हुई है। आरोप है कि उन्होंने परिजनों को मीडिया से बात न करने की हिदायत दी। डॉ. प्रभात के अनुसार, युवती को ब्लीडिंग की शिकायत थी, लेकिन उन्होंने अभी तक आधिकारिक तौर पर अबॉर्शन की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने कहा कि ब्लीडिंग भारी वजन उठाने से भी हो सकती है।

कानूनों का खुला उल्लंघन

यह मामला मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट 1971 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। नियमानुसार, गर्भपात केवल मान्यता प्राप्त केंद्रों पर योग्य डॉक्टरों द्वारा ही किया जा सकता है। थाना प्रभारी अरविंद कुमार “अस्पताल में ताला लगा दिया गया है और मजिस्ट्रेट की निगरानी में सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। संचालक कागजात पेश करने में विफल रहा है और अवैध तरीके से चिकित्सा कार्य कर रहा था।”




अवैध लकड़ी तस्करी पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, एक लाख की लकड़ी जब्त

सिमडेगा :जिले में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई और लकड़ी तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। ठेठईटांगर वन क्षेत्र अंतर्गत रिपोटोली में वन विभाग की टीम ने छापामारी कर लगभग एक लाख रुपए मूल्य की अवैध लकड़ी जब्त की है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध कटाई करने वालों में हड़कंप मच गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि रिपोटोली क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई कर लकड़ी को तस्करी के उद्देश्य से जमा किया जा रहा है। सूचना मिलते ही रेंजर शंभू शरण चौधरी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रिपोटोली नाला के समीप छापामारी अभियान चलाया। छापामारी के दौरान मौके से कुल 35 बोटा लकड़ी बरामद की गई, जिसमें साल, गंभार और सेमर जैसी बहुमूल्य प्रजाति की लकड़ियां शामिल हैं।
वन विभाग द्वारा जब्त की गई लकड़ियों की अनुमानित कीमत लगभग एक लाख रुपए बताई जा रही है। रेंजर शंभू शरण चौधरी ने बताया कि अवैध रूप से लकड़ी काटने और भंडारण करने वाले व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जंगलों की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए विभाग लगातार निगरानी और गश्ती अभियान चला रहा है। वन विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध पेड़ कटाई या लकड़ी तस्करी की सूचना मिले तो तत्काल विभाग को जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।




जूते के दुकान से चल रहा था नशे का अवैध कारोबार, पुलिस ने दबोचा

सिमडेगा: सिमडेगा पुलिस ने शहरी क्षेत्र स्थित एक फुटवियर दुकान से चल रहे नशीली दवाओं का अवैध कारोबार का पर्दाफाश करते हुए नशे के एक कारोबारी को गिरफ्तार किया।इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए एसडीपीओ बैजू उरांव ने बताए कि सिमडेगा एसपी को गुप्त सूचना मिली कि शहर के गुलजार गली स्थित सम्राट बूट हाउस मो सैफ अंसारी नामक युवक द्वारा प्रतिबंधित नशीली दवा पैभोन स्वास प्लस की धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है। सूचना के आलोक में एसपी सिमडेगा ने एसडीपीओ बैजू उरांव के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित किए। इस टीम के द्वारा सम्राट बूट हाउस में छापामारी की गई। मौके से पुलिस को 114 पीस पैभोन स्वास प्लस कैप्सूल और 11 पीस इस कैप्सूल के खाली डब्बे मिले। पुलिस टीम के द्वारा बरामद सभी नशीली कैप्सूल को जब्त करते हुए दुकान संचालक मो सैफ अली अंसारी को गिरफ्तार कर आज जेल भेजा। एसडीपीओ ने बताए कि सिमडेगा पुलिस अभी लगातार नशे के ऐसे कारोबारियों के खिलाफ अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि जल्द और ऐसे नशे के कारोबारियों का पर्दाफाश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस किसी कीमत में सिमडेगा में नशे का काला कारोबार नहीं होने देगी।




कैमरे पर: नोएडा की महिला को सिक्योरिटी डिपॉजिट मांगने पर पीजी संचालक ने थप्पड़ मारा | भारत समाचार

आखरी अपडेट:

नोएडा की एक महिला पर उसकी सुरक्षा जमा राशि वापस करने के विवाद के दौरान एक महिला पीजी आवास के अंदर कथित तौर पर हमला किया गया था, यह घटना व्यापक रूप से साझा किए गए वीडियो में कैद हुई थी।

नोएडा में एक पीजी में रहने वाली महिला पर हमला (वीडियो स्क्रीनशॉट/सोशल मीडिया)

नोएडा में एक पीजी में रहने वाली महिला पर हमला (वीडियो स्क्रीनशॉट/सोशल मीडिया)

नोएडा की एक परेशान करने वाली घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आने के बाद आक्रोश फैल गया है, जिसमें नोएडा में महिला पेइंग गेस्ट सुविधा के अंदर एक महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की जा रही है।

यह घटना नोएडा के सेक्टर-62 इलाके के राज होम्स पीजी में रहने वाली महिला की सुरक्षा जमा राशि वापस करने को लेकर सामने आई है।

परिसर के बाहर खड़े एक व्यक्ति द्वारा रिकॉर्ड किए गए टकराव ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई को प्रेरित किया है।

वीडियो में, जिस व्यक्ति पर हमला किया जा रहा है, उस महिला का रिश्तेदार माना जा रहा है, द्वारा फिल्माए गए वीडियो में एक महिला पीजी संचालक को पेइंग गेस्ट आवास के बंद गेट के पीछे रहने वाले के साथ मारपीट करते देखा जा सकता है।

उनका कहना है कि वह हस्तक्षेप करने में असमर्थ थे क्योंकि उन्हें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था, जबकि अंदर से ऊंची आवाजें और हंगामा सुना जा सकता था।

वह बार-बार असहायता व्यक्त करते हुए कहते हैं कि पीजी के अंदर के लोग रेजिडेंट के साथ दुर्व्यवहार कर रहे थे और उसे जाने से मना कर रहे थे।

वीडियो में, वह यह भी दावा करता है कि महिला सिर्फ अपनी सिक्योरिटी मनी लेने आई थी लेकिन उसे बाहर निकलने से रोका जा रहा था।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पीजी स्टाफ ने उनका फोन ले लिया था और उन्हें परिसर से बाहर निकलने से रोक रहे थे।

यह क्लिप तब से व्यापक रूप से प्रसारित हो गई है, जिसके बाद पुलिस ने कहा कि यह घटना आवास खाली करने की प्रक्रिया को लेकर निवासी और पीजी संचालक के बीच विवाद से उपजी है।

बाद में महिला द्वारा एक लिखित शिकायत दर्ज की गई।

नोएडा डीसीपी ने एक बयान में कहा, “संदर्भित मामला पीड़ित और पीजी संचालक के बीच पीजी खाली करने को लेकर हुए विवाद से संबंधित है, जिसके संबंध में सेक्टर-58 थाना पुलिस पीड़ित से लिखित शिकायत मिलने पर मामला दर्ज करने की प्रक्रिया में है।”

गौतमबुद्ध नगर पुलिस आयुक्तालय ने बाद में पुष्टि की कि प्राथमिकी दर्ज की गई है।

बयान में कहा गया है, “उल्लेखित मामले के संदर्भ में, पुलिस स्टेशन सेक्टर 58 में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है, और आरोपी पक्ष के खिलाफ पुलिस स्टेशन सेक्टर 58 द्वारा कानूनी कार्रवाई की गई है।”

यह भी पढ़ें | नोएडा में प्रेमी का सिर काटने के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति का दावा है कि उसने उससे ‘पैसे वसूलने और धमकाने’ की कोशिश की थी

वाणी मेहरोत्रा

वाणी मेहरोत्रा

वाणी मेहरोत्रा ​​News18.com में डिप्टी न्यूज एडिटर हैं. उनके पास राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचारों में लगभग 10 वर्षों का अनुभव है और वह पहले कई डेस्क पर काम कर चुकी हैं।

वाणी मेहरोत्रा ​​News18.com में डिप्टी न्यूज एडिटर हैं. उनके पास राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचारों में लगभग 10 वर्षों का अनुभव है और वह पहले कई डेस्क पर काम कर चुकी हैं।

समाचार भारत कैमरे पर: नोएडा की महिला को सिक्योरिटी डिपॉजिट मांगने पर पीजी संचालक ने थप्पड़ मारा
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दिल्ली ब्लास्ट से पहले उमर ने कई बार हरियाणा की मस्जिद का दौरा किया; मौलाना, उर्दू शिक्षक हिरासत में | भारत समाचार

आखरी अपडेट:

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर हुए विस्फोट में 13 लोगों की जान लेने वाला आत्मघाती हमलावर उमर कई बार रायपुर की मस्जिद में गया था।

10 नवंबर को लाल किले पर हुए घातक हमले के पीछे आत्मघाती हमलावर उमर-उन-नबी था।

10 नवंबर को लाल किले पर हुए घातक हमले के पीछे आत्मघाती हमलावर उमर-उन-नबी था।

दिल्ली ब्लास्ट मामले में चल रही जांच के बीच फरीदाबाद क्राइम ब्रांच ने हरियाणा के गुरुग्राम के सोहना से एक मौलाना और एक शिक्षक को हिरासत में लिया है।

सूत्रों के मुताबिक पता चला है कि दिल्ली ब्लास्ट से पहले उमर सोहना के रायपुर गांव की मस्जिद में जाता था और मस्जिद के मौलाना तैय्यब हुसैन और एक उर्दू शिक्षक के संपर्क में था.

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर हुए विस्फोट में 13 लोगों की जान लेने वाला आत्मघाती हमलावर उमर कई बार रायपुर की मस्जिद में गया था। अपनी मस्जिद यात्रा के बाद, वह सोहना की मंडी में एक खाद और बीज की दुकान पर भी गए।

कल देर रात मौलाना और उर्दू शिक्षक को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया.

कश्मीर में दिल्ली बमवर्षक

10 नवंबर को लाल किले पर हुए घातक हमले के पीछे का आत्मघाती हमलावर उमर-उन-नबी विस्फोट से कुछ दिन पहले कश्मीर में था और उसने अपना मोबाइल फोन अपने भाई को सौंपा था।

उसका बरामद फोन, जिसे पहले फेंक दिया गया था, में रोंगटे खड़े कर देने वाले फुटेज हैं, जिसमें उमर हमले को “शहादत ऑपरेशन” के रूप में उचित ठहराता है, जो उसके कट्टरपंथ और पूर्वचिंतन पर प्रकाश डालता है।

हालांकि, लगातार पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उमर ने उसे एक मोबाइल फोन दिया था और सख्त निर्देश दिए थे कि अगर उसकी खबर सामने आए तो इसे पानी में बहा देना।

इलाही ने बाद में पुलिस को उस स्थान पर निर्देशित किया जहां फोन फेंका गया था। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने के बावजूद, फोरेंसिक विशेषज्ञ डिवाइस से महत्वपूर्ण डेटा निकालने में सक्षम थे।

न्यूज़ डेस्क

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न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक, डेस्क डी…और पढ़ें

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भारतीय सेना ने सर क्रीक, अन्य प्रमुख सीमा मोर्चों के लिए त्वरित गश्ती नौकाओं, एलसीए की योजना बनाई है | भारत समाचार

आखरी अपडेट:

एलसीए पूरी तरह से सुसज्जित प्लाटून या हल्के वाहन को सैनिकों के साथ ले जाएगा, जो 5.2 टन से अधिक का पेलोड ले जाएगा और पूर्ण भार पर भी 20 समुद्री मील तक पहुंच जाएगा।

सेना आठ एलसीए और छह एफपीबी हासिल करना चाहती है। (एआई जनित छवि)

सेना आठ एलसीए और छह एफपीबी हासिल करना चाहती है। (एआई जनित छवि)

भारतीय सेना सर क्रीक, ब्रह्मपुत्र नदी बेसिन और पूर्वी लद्दाख में तैनाती के लिए लैंडिंग क्राफ्ट असॉल्ट जहाजों और फास्ट पेट्रोल नौकाओं की खरीद की योजना के साथ अपनी नदी और क्रीक-क्षेत्र क्षमताओं को मजबूत करने के लिए आगे बढ़ी है। सेवा उथले, तेजी से बदलते और सामरिक रूप से संवेदनशील जलमार्गों में संचालन करने में सक्षम प्लेटफार्मों की तलाश कर रही है जहां पारंपरिक गतिशीलता सीमित है।

आवश्यकताओं के अनुसार, एलसीए सैनिकों के साथ एक पूरी तरह सुसज्जित प्लाटून या हल्के वाहन का परिवहन करेगा, जो 5.2 टन से अधिक का पेलोड ले जाएगा और पूर्ण भार पर भी 20 समुद्री मील तक पहुंच जाएगा। यह शिल्प खाड़ी प्रणालियों और उच्च ऊंचाई वाले जल निकायों में गश्ती कर्तव्यों, रसद संचालन और सीमित खोज और बचाव अभियानों का समर्थन करेगा। वे वर्ग-अनुमोदित समग्र-पतवार वाली नावें होंगी, जो बुलेट-प्रतिरोधी व्हीलहाउस, वाहन उतारने के लिए धनुष रैंप, जुड़वां डीजल इंजन, स्टर्न-ड्राइव प्रोपल्शन और रडार, जीपीएस चार्ट डिस्प्ले और वीएचएफ संचार सहित एक एकीकृत नेविगेशन सूट से सुसज्जित होंगी।

सेना आठ एलसीए और छह एफपीबी हासिल करना चाहती है। चार एलसीए गुजरात के लखपत में अंतर्देशीय जल परिवहन इकाई और चार गुवाहाटी में स्थित होंगे। अनुबंध पर हस्ताक्षर होने के बाद 24 महीनों में बैचों में डिलीवरी की उम्मीद की जाती है।

उथले और गंदे पानी में हस्तक्षेप, निगरानी और छोटी टीम के प्रवेश के लिए बनाई गई फास्ट पेट्रोल नौकाएं कम से कम छह घंटे तक 25-30 समुद्री मील का सामना करने और 1,000 किलोग्राम तक के पेलोड के साथ आठ लोगों के दल को ले जाने में सक्षम होंगी।

भारतीय सेना ने आवश्यकताओं के लिए विस्तृत आरएफपी जारी किए हैं। ये दस्तावेज़ न्यूनतम 60 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री को अनिवार्य करते हैं, जो घरेलू शिपयार्डों से महत्वपूर्ण उपकरण प्राप्त करने के लिए सेना के दबाव पर जोर देते हैं।

सर क्रीक भारत-पाकिस्तान सीमा पर एक संवेदनशील क्षेत्र बना हुआ है, जहां बदलते ज्वारीय चैनल और दलदली इलाके में नाव-जनित गतिशीलता आवश्यक हो जाती है। इसी तरह की बाधाएं ब्रह्मपुत्र बेसिन में मौजूद हैं, जहां विशाल नदी नेटवर्क आवाजाही को जटिल बनाते हैं, और पूर्वी लद्दाख में, जहां कुछ झील क्षेत्रों में तेजी से जल-जनित पहुंच की आवश्यकता होती है। सर क्रीक क्षेत्र में आयोजित अभ्यास त्रिशूल जैसे हालिया क्षेत्रीय अभ्यासों ने इन प्लेटफार्मों के लिए परिचालन आवश्यकताओं को तेज कर दिया है।

Akash Sharma

Akash Sharma

आकाश शर्मा, रक्षा संवाददाता, सीएनएन-न्यूज़ 18, रक्षा मंत्रालय और रेल मंत्रालय को कवर करते हैं। इसके अलावा, वह राष्ट्रीय राजधानी में विकास पर भी नज़र रखते हैं। व्यापक अनुभव के साथ…और पढ़ें

आकाश शर्मा, रक्षा संवाददाता, सीएनएन-न्यूज़ 18, रक्षा मंत्रालय और रेल मंत्रालय को कवर करते हैं। इसके अलावा, वह राष्ट्रीय राजधानी में विकास पर भी नज़र रखते हैं। व्यापक अनुभव के साथ…और पढ़ें

समाचार भारत भारतीय सेना ने सर क्रीक और अन्य प्रमुख सीमा मोर्चों के लिए तेज गश्ती नौकाओं, एलसीए की योजना बनाई है
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लाल किला विस्फोट जांच में 2008 के अहमदाबाद विस्फोट के आरोपी शादाब बेग के अल फलाह लिंक का खुलासा हुआ | भारत समाचार

आखरी अपडेट:

मिर्जा शादाब बेग पर देशभर में पांच बम धमाके करने का आरोप है और वह करीब दो दशक से फरार है।

दिल्ली लाल किला विस्फोट मामले की जांच के केंद्र में अल फलाह यूनिवर्सिटी फंस गई है। (छवि: पीटीआई)

दिल्ली लाल किला विस्फोट मामले की जांच के केंद्र में अल फलाह यूनिवर्सिटी फंस गई है। (छवि: पीटीआई)

दिल्ली लाल किला विस्फोट जांच में एक नए विकास में, जांच अधिकारियों ने पाया है कि 2008 अहमदाबाद सीरियल विस्फोट और 2007 गोरखपुर विस्फोट मामले में आरोपी मिर्जा शादाब बेग भी अल फलाह विश्वविद्यालय का पूर्व छात्र है।

बेग, जिस पर इंडियन मुजाहिदीन नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है, ने 2007 में फ़रीदाबाद के अल फलाह से बी.टेक की पढ़ाई पूरी की, जिससे आतंकी संबंधों वाले व्यक्तियों की सूची में एक और नाम जुड़ गया, जो कथित तौर पर संस्थान से गुजरे थे।

पहले के जांच निष्कर्षों के अनुसार, एजेंसियों ने अहमदाबाद हमलों की जांच के दौरान अल-फलाह के साथ बेग का संबंध स्थापित किया था। अन्य आरोपी व्यक्तियों से जुड़े हालिया खुलासों के बाद विश्वविद्यालय की नए सिरे से जांच के बीच उनका नाम फिर से सामने आया है।

अल फलाह विश्वविद्यालय का संदर्भ ऐसे समय में आया है जब दिल्ली लाल किला विस्फोट की जांच जोरों पर है। 10 नवंबर को ऐतिहासिक स्मारक के पास विस्फोटक से भरे एक वाहन में विस्फोट हो गया, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई।

बेग आज़मगढ़ जिले के बरदी कैलगंज गांव के रहने वाले हैं और पहले अपने परिवार के साथ आज़मगढ़ के राजा का किला इलाके में रहते थे। वह कक्षा 9 में फेल हो गए और बाद में अपने सेक्शन में विषय बदल दिए, बाद में संशोधित संयोजन के साथ कक्षा 11 तक पढ़ाई की।

उन्होंने 2007 में हरियाणा के फरीदाबाद में अल-फलाह इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स इंस्ट्रुमेंटेशन में बी.टेक पूरा करने से पहले, पीसीएम विषयों के साथ आज़मगढ़ रेलवे स्टेशन के पास चिल्ड्रेन स्कूल से 12वीं कक्षा पूरी की।

बेग पर देशभर में पांच विस्फोट करने का आरोप है और वह करीब दो दशक से फरार है।

लाल किले पर हमला, जिसके बारे में पुलिस का कहना है कि इसे डॉ. उमर नबी ने अंजाम दिया था, के बाद से कई गिरफ्तारियां हुई हैं, आपत्तिजनक डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं और व्यापक कट्टरपंथ और योजना नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांचकर्ता अब चल रही जांच के हिस्से के रूप में आरोपियों के सभी संस्थागत और व्यक्तिगत संबंधों की जांच कर रहे हैं।

अरुणिमा

अरुणिमा

अरुणिमा संपादक (गृह मामले) हैं और रणनीतिक, सुरक्षा और राजनीतिक मामलों को कवर करती हैं। यूक्रेन-रूस युद्ध से लेकर लद्दाख में भारत-चीन गतिरोध से लेकर भारत-पाक झड़प तक, उन्होंने ग्राउंड ज़ीरो से रिपोर्ट की है…और पढ़ें

अरुणिमा संपादक (गृह मामले) हैं और रणनीतिक, सुरक्षा और राजनीतिक मामलों को कवर करती हैं। यूक्रेन-रूस युद्ध से लेकर लद्दाख में भारत-चीन गतिरोध से लेकर भारत-पाक झड़प तक, उन्होंने ग्राउंड ज़ीरो से रिपोर्ट की है…और पढ़ें

समाचार भारत लाल किला विस्फोट जांच में 2008 अहमदाबाद विस्फोट के आरोपी शादाब बेग के अल फलाह लिंक का खुलासा हुआ
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