सरायकेला:चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की समीक्षा बैठक संपन्न
चांडिल:ग्रामीण संवाद यात्रा प्रथम सत्र समापन के बाद के द्वितीय सत्र को जारी रखने का निर्णय, सामूहिक आंदोलन को और तेज करने की रणनीति तैयार चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच के बैनर तले 25, 26 एवं 27 अगस्त 2026 को आयोजित ग्रामीण संवाद यात्रा के समापन के बाद आज द गोल्डन व्यू रिजॉर्ट, नया आईबी, चांडिल परिसर में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में ग्रामीण संवाद यात्रा के दौरान प्राप्त उपलब्धियों, ग्रामीणों से मिले सहयोग, सामने आई समस्याओं एवं यात्रा के दौरान रह गई कमियों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, आने वाले दिनों में विस्थापितों के बीच संवाद और संगठन को और मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई।बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ग्रामीण संवाद यात्रा का द्वितीय सत्र लगातार जारी रखा जाएगा। इसके तहत ईचागढ़ प्रखंड के शेष विस्थापित गांवों के साथ-साथ नीमडीह, कुकड़ू एवं चांडिल प्रखंड के विस्थापित गांवों तथा 13 पुनर्वास स्थलों में जाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया जाएगा।संवाद यात्रा के माध्यम से विस्थापित परिवारों की समस्याओं, लंबित अधिकारों, पुनर्वास एवं अन्य मूलभूत मुद्दों को एकजुट होकर समझने और उन्हें आंदोलन की सामूहिक कार्ययोजना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।बैठक में यह भी तय किया गया कि द्वितीय चरण की संवाद यात्रा पूरी होने के बाद सभी विस्थापित संगठनों एवं ग्रामीणों की सामूहिक बैठक आयोजित कर आगे के आंदोलन की रूपरेखा पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। आवश्यकता और सामूहिक सहमति के आधार पर रैली, प्रदर्शन, धरना, भूख हड़ताल, विधानसभा घेराव, मुख्यमंत्री आवास के समक्ष प्रदर्शन सहित लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीकों से आंदोलन को व्यापक रूप देने की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि चांडिल डैम परियोजना से विस्थापन की पीड़ा झेलते हुए 44 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में विस्थापित अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं। ग्रामीणों ने संवाद यात्रा के दौरान एक स्वर में अपनी बात रखते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं।विस्थापित प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि इस बार संघर्ष को एकजुटता, आपसी विश्वास और सामूहिक नेतृत्व के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। जब तक विस्थापितों को उनके जायज अधिकार और न्याय नहीं मिलता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।बैठक में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने आपसी भरोसा, तालमेल और एकजुटता को मजबूत करते हुए एक मंच और एक आवाज के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया।राकेश रंजन महतो, अंबिका यादव, श्यामल मंडी, नारायण गुरु, विवेक सिंह, बाबू अवधेश मुर्मू, विष्णु महापात्र, वीर सिंह सोरेन, हरे कृष्णा महतो एवं कृष्ण कालिंदी सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
