डुमरी की नाबालिग से सकरा में सामूहिक दुष्कर्म, आरोपियों ने परिवार को दी थी जान से मारने की धमकी

चैनपुर : कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में पीड़िता ने शुक्रवार को परिजनों के साथ थाने पहुँचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है।दर्ज शिकायत के अनुसार, डुमरी थाना क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग लड़की 18 अप्रैल 2026 को अपने पिता के साथ ग्राम सकरा में अपनी फुआ के घर एक शादी समारोह में शामिल होने आई थी। 20 अप्रैल की शाम करीब 7:00 बजे जब वह गाँव में ही एक अन्य घर से शादी समारोह देखकर लौट रही थी, तभी रास्ते में घात लगाकर बैठे दो युवकों ने उसे दबोच लिया।आरोपियों की पहचान ग्राम सकरा निवासी ब्राह्मण मुंडा उर्फ धर्मनाथ मुंडा और रतन दास पिता नारायण दास के रूप में हुई है। पीड़िता का आरोप है कि दोनों युवकों ने अंधेरे का लाभ उठाकर उसका मुँह बंद कर दिया और उसे जबरन पास के जंगल में ले गए। जंगल में रतन दास ने पीड़िता के पैर पकड़कर रखे और ब्राह्मण मुंडा ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ब्राह्मण मुंडा उसे जंगल की दूसरी ओर ले गया और वहाँ दोबारा उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।घटना के बाद आरोपियों ने पीड़िता को गाँव के नजदीक छोड़ते हुए धमकी दी कि यदि उसने इस बारे में किसी को बताया, तो उसे और उसके पूरे परिवार को जान से मार देंगे। डर के कारण पीड़िता चुप रही, लेकिन गुरुवार रात उसने हिम्मत जुटाकर अपनी माँ को आपबीती सुनाई।मामले की गंभीरता को देखते हुए कुरुमगढ़ थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने कांड संख्या 06/2026 के तहत भा.न्या.सं. (BNS) की सुसंगत धाराओं और 4/6 POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की छानबीन और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।




चैनपुर में ‘मौत का खेल’ लाइफ लाइन हॉस्पिटल में अवैध गर्भपात का खुलासा, पुलिस ने जड़ा ताला

झोलाछाप के भरोसे ‘लाइफ लाइन’ पुलिस को गुमराह कर भागा संचालक, एमटीपी एक्ट की उड़ीं धज्जियां

गुमला (चैनपुर): चैनपुर अनुमंडल मुख्यालय के बस स्टैंड के समीप संचालित ‘लाइफ लाइन हॉस्पिटल’ में चल रहे एक खतरनाक और अवैध धंधे का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गुरुवार देर रात पुलिस की छापेमारी में बिना डिग्री वाले झोलाछाप द्वारा एक 21 वर्षीय युवती का अवैध गर्भपात (अबॉर्शन) किए जाने का मामला सामने आया है। एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और रेस्क्यू

गुरुवार रात करीब 9:00 बजे गुप्त सूचना मिलने पर थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने दल-बल के साथ अस्पताल में छापेमारी की। वहां मौजूद 21 वर्षीय युवती ने मौके पर ही बयान दिया कि संचालक ओमप्रकाश सिंह द्वारा उसका गर्भपात किया गया है। युवती की नाजुक हालत को देखते हुए पुलिस ने उसे तुरंत सरकारी एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर में भर्ती कराया।

फरार हुआ संचालक, नहीं दिखाए कागजात

पुलिस ने अस्पताल संचालक ओमप्रकाश सिंह को शुक्रवार दोपहर 12:00 बजे तक रजिस्ट्रेशन और मेडिकल डिग्री के साथ थाने में उपस्थित होने का अल्टीमेटम दिया था। हालांकि, संचालक तय समय तक पुलिस के सामने नहीं पहुंचा और फरार बताया जा रहा है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि अस्पताल को अब मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में विधिवत सील किया जाएगा।

बिना विशेषज्ञ के जानलेवा खेल

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि लाइफ लाइन हॉस्पिटल में न तो कोई एमबीबीएस डॉक्टर है और न ही कोई स्त्री रोग विशेषज्ञ। संचालक ओमप्रकाश सिंह, जो महज एक आरएमपी है, स्वयं को डॉक्टर बताकर मरीजों की जान जोखिम में डाल रहा था।

सरकारी डॉक्टर की भूमिका पर उठे सवाल

छापेमारी के दौरान सीएचसी के डॉ. प्रभात कुमार की अस्पताल में मौजूदगी और उनकी संदिग्ध भूमिका चर्चा का विषय बनी हुई है। आरोप है कि उन्होंने परिजनों को मीडिया से बात न करने की हिदायत दी। डॉ. प्रभात के अनुसार, युवती को ब्लीडिंग की शिकायत थी, लेकिन उन्होंने अभी तक आधिकारिक तौर पर अबॉर्शन की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने कहा कि ब्लीडिंग भारी वजन उठाने से भी हो सकती है।

कानूनों का खुला उल्लंघन

यह मामला मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट 1971 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। नियमानुसार, गर्भपात केवल मान्यता प्राप्त केंद्रों पर योग्य डॉक्टरों द्वारा ही किया जा सकता है। थाना प्रभारी अरविंद कुमार “अस्पताल में ताला लगा दिया गया है और मजिस्ट्रेट की निगरानी में सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। संचालक कागजात पेश करने में विफल रहा है और अवैध तरीके से चिकित्सा कार्य कर रहा था।”