रामरेखा धाम विकास समिति की बैठक में नई समिति का गठन

महंत अखंड दास ने दिया सेवा और समर्पण का संदेश

सिमडेगा: रामरेखा धाम विकास समिति की आवश्यक बैठक मंगलवार को रामरेखा धाम परिसर में आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत धाम के परम पूज्य महंत  श्री राम अखण्ड दास जी महराज द्वारा पुष्प अर्पित कर ब्रह्मलीन बाबा के समक्ष पूजा-अर्चना के साथ की गई। इसके पश्चात पुरानी समिति के कार्यों की समीक्षा करते हुए उसके कर्मियों के योगदान पर चर्चा की गई तथा पिछले बैठक की संपुष्टि की गई।वहीं पूर्व की आम बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार नई समिति के गठन को लेकर प्राप्त सेवा आवेदनों एवं कार्यों के आधार पर विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद सर्वसम्मति से रामरेखा धाम विकास समिति की नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। जिसमें महंत सह अध्यक्ष एवं संचालक अखंड दास जी महाराज, सह संचालक सचिदानंद पंडा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमरनाथ बमलिया, उपाध्यक्ष ईश्वर प्रसाद, साहू, जगदीश सिंह, तपेश्व साहू, सुशील श्रीवास्तव, राजेंद्र मेहर, राधेश्याम प्रसाद, दीपनारायण दास, आनंद सिंह, संजीत प्रसाद, अदित्य सिंह जूदेव, पवन मित्तल, सचिव ओमप्रकाश साहू, उप सचिव लक्ष्मीनारायण सिंह, मुरारी प्रसाद, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा, संगठन मंत्री अशोक सिंह, मीडिया प्रभारी विकास साहू, कार्यालय प्रमुख कमल सेनापति, विधि प्रमुख गिरीशचन्द्र गुप्ता, आंकेंक्षक अमित कुमार, संपादक भुनेश्वर सेनापति शामिल हैं।

इसके अलावा श्री रामरेखा धाम ग्रामीण विशेष क्षेत्र प्रतिनिधि के रूप में कृष्ण बिंझिया, सुदामा प्रसाद, राजेंद्र सिंह, सत्यनारायण दिघवार, मधुसूदन सिंह, कृष्णा राय कोटवार, रामचन्द्र दास, धुनर्धर कोटवार तथा सिमडेगा नगर विशेष क्षेत्र प्रतिनिधि के रूप में नरायन दास, विनोद अग्रवाल, लहरू सिंह, कृष्णा शर्मा, रिंकु अग्रवाल, रामजी यादव, चन्दन लाल को जिम्मेदारी दी गई। प्रखंड प्रतिनिधियों में पाकरटांड से सीताराम प्रसाद, सुदर्शन सिंह, कुरडेग से रामचंद्र साय, सुमन्त सिंह, केरसई से बसन्त साहू, ललित दास, बोलबा से टकबर सिंह, हीरा प्रधान, ठेठईटांगर से श्रवण सेनापति, बन्धु मांझी, बांसजोर से तपेश्वर सिंह, सुदर्शन सिंह, जलडेगा से अघना खड़िया, विवसनाथ, कोलेबिरा से जनेश्वर बिरहोर, अभिषेक प्रसाद, बानो से विश्वनाथ बड़ाईक, विकास सिंघल, सिमडेगा ग्रामीण पश्चिम क्षेत्र से रणधीर प्रसाद, पुरुषोत्तम दास, सूरज प्रसाद, संजय प्रसाद, सिमडेगा ग्रामीण पूर्वी से सुमन्त बीसी, श्यामसुंदर सिंह, रायडीह से रामप्रसाद साहू, बालमुकुंद सिंह, चैनपुर से मनोहर बड़ाईक, बुधराम नायक, डुमरी से रामकृपाल बैगा, बिजेंद्र पांडेय तथा जारी से दिलीप बड़ाईक, सकलदीप नाथ साहदेव को दायित्व सौंपा गया।बैठक के दौरान संत उमाकांत जी ने आशीर्वचन देते हुए सभी को संगठित होकर समाजहित में कार्य करने की प्रेरणा दी। वहीं संत तुसली दास ने कहा कि सभी कार्यकर्ता भगवान राम के सच्चे सेवक बनकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें।इस अवसर पर महंत सह अध्यक्ष एवं संचालक श्री अखण्ड दास महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि रामरेखा धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कारों को सशक्त करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि समिति के सभी सदस्य सेवा, समर्पण और अनुशासन को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाएं तथा भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलते हुए समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचकर कार्य करें। उन्होंने यह भी कहा कि हनुमान जी की तरह निस्वार्थ भाव से सेवा करना ही सच्ची भक्ति है और इसी भावना से धाम के विकास को आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

बैठक में मुख्य संरक्षक के द्वारा माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र देकर अध्यक्ष का स्वागत किए एवं आर्शीवाद लिए साथ ही संत उमाकांत एवं तुलसीदास को कोर समिति द्वारा सम्मानित किया गया। सभी उपस्थित लोगों ने मंदिर प्रांगण में संकल्प लिया कि वे हनुमान की तरह सेवा भाव से कार्य करेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित दायित्ववान सभी कार्यकर्ताओं को अंगवस्त्र एवं हनुमान चालीसा देकर महन्त, सन्त एवं संरक्षक प्रेरित किए और   शुभकामना दी साथ ही महन्त जी के द्वारा कोर समित को अंगवस्त्र एवं आर्शीर्वाद दिए इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामिण एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस ने की प्रेस वार्ता, भाजपा पर  झूठा और दुर्भावनापूर्ण भ्रम फैलाने का लगाया आरोप

सिमडेगा :महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस ने पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। मौके पर जिला अध्यक्ष सह विधायक भूषण बाड़ा ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा देश में झूठा और दुर्भावनापूर्ण भ्रम फैलाकर कांग्रेस को महिला विरोधी साबित करने की कोशिश कर रही है। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। विधायक ने कहा कि महिला आरक्षण बिल वर्ष 2023 में ही संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया जा चुका है। यह संविधान का 131वां संशोधन बिल है। जिसका उद्देश्य महिलाओं को संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व देना है। उन्होंने कहा कि भाजपा जानबूझकर इस बिल को लागू करने में देरी कर रही है और इसे परिसीमन और सीटों की संख्या बढ़ाने से जोड़कर मुद्दे को भटका रही है। विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि देश में संसद और विधानसभा की मौजूदा सीटों के आधार पर महिला आरक्षण को तुरंत लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि इसे परिसीमन से जोड़ना न सिर्फ गलत है बल्कि इससे छोटे राज्यों को नुकसान होगा और देश की संघीय व्यवस्था भी प्रभावित होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस प्रक्रिया को जानबूझकर लंबा खींच रही है ताकि चुनावी फायदा उठाया जा सके। विधायक ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर सिर्फ राजनीतिक एजेंडा चला रही है।

जब बिल 2023 में पास हो गया था तो अब तक इसे लागू क्यों नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इसे चुनावी राज्यों में मुद्दा बनाकर महिलाओं के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रही है।कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष जोसिमा खाखा ने 73वें और 74वें संविधान संशोधन का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने ही पहली बार पंचायत और शहरी निकायों में महिलाओं को आरक्षण देकर उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त बनाया। आज लाखों महिलाएं स्थानीय निकायों में जनप्रतिनिधि बनकर नेतृत्व कर रही हैं, जो कांग्रेस की नीतियों का परिणाम है। भाजपा वन नेशन-वन इलेक्शन, परिसीमन और सीट बढ़ाने जैसे मुद्दों के साथ महिला आरक्षण को जोड़कर असल मुद्दे से ध्यान भटका रही है।मौके पर महिला जिला अध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा,सेवा दल संगठन अध्यक्ष सामरोम पौल तोपनो,जिला प्रवक्ता रणधीर रंजन,सिमडेगा प्रखंड अध्यक्ष सिलबेस्टर बघवार,मनोज जायसवाल, जिला प्रवक्ता रणधीर रंजन,एजाज अहमद, मीडिया प्रभारी अरविंद लुगुन,अख्तर खान, शकील  अहमद, अविनाश मिश्रा,सलमान खान,रोहन जायसवाल,बिनीता तिर्की,उर्मिला केरकेटा,प्रतिमा कुजूर, सूचिता तिर्की,रीता किंडो,मुक्ता तिर्की,नीलम डुंगडुंग, शोभेन तिग्गा ,संजय तिर्की आदि कांग्रेस पार्टी के सम्मानित पदाधिकारी एवं कर्मठ कार्यकर्ता मौजूद थे।




महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस एवं इंडी गठबंधन की भूमिका दुर्भाग्यपूर्ण – विमला प्रधान

सिमडेगा: पूर्व मंत्री विमला प्रधान ने महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस एवं इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह देश की आधी आबादी के अधिकारों से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, लेकिन विपक्ष की नकारात्मक राजनीति के कारण इसे समय पर पारित नहीं होने दिया गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र और महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ बताया।विमला प्रधान ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और महिला आरक्षण बिल इसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एवं इंडी गठबंधन ने हमेशा इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए लटकाए रखा,कांग्रेस ने परिसीमन की आड़ में महिला विरोधी मानसिकता को दरसाते हुए अपने राजनीति लाभ के लिए बिल को रोकने का प्रयास किया।,साथ ही मुस्लिम महिलाओं के लिए भी धर्म के आधार पर आरक्षण की मांग की जो कि संभव नहीं है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने महिलाओं को हक एवं अधिकार देने लिए लगातार ठोस निर्णय लिए हैं।उन्होंने आगे कहा कि यदि यह बिल समय पर पारित हो गया होता, तो संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी और अधिक बढ़ती, जिससे नीति निर्माण में उनकी भूमिका और मजबूत होती। लेकिन विपक्ष ने इस गंभीर मुद्दे पर जिम्मेदारी नहीं दिखाई और केवल राजनीति करने का काम किया।पूर्व मंत्री ने कहा कि आज देश की महिलाएं जागरूक हो चुकी हैं और वे अच्छी तरह समझती हैं कि कौन उनके अधिकारों के लिए काम कर रहा है और कौन केवल राजनीतिक स्वार्थ साध रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महिलाएं ऐसे दलों को करारा जवाब देंगी जो उनके हितों के खिलाफ खड़े होते हैं।अंत में विमला प्रधान ने कहा कि भाजपा महिला सशक्तिकरण के अपने संकल्प पर अडिग है और भविष्य में भी महिलाओं के अधिकार, सम्मान और भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करती रहेगी।